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इंग्लिश कौन सिख सकता है ------ "जिसकी कभी इज्जत के फालुदे हो गए हो इंग्लिश ना बोलने के कारण "
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प्र. 1 क्या इंग्लिश अब हिंदी में किताब से हम पूरी इंग्लिश सिख जायेंगे ?उ. मेरे प्यारे मित्र , पूरी इंग्लिश से आशय आपका इंग्लिश का डर दूर करना है तो हा बिलकुल सही , इस तरीके से अगर आप ध्यान से प्रेक्टिस करते है तो आपका डर 100 % दूर हो जाता है |
प्र. 2. इस किताब में ऐसा क्या है जो हमारा आत्मविश्वास बढाता है ?
उ. इस किताब में एक हिन्दुस्तानी दिमाग को एनालिस करके कुछ महत्वपूर्ण तरीके विकसित किये गए है जो की आपकी बेसिक गलतियों को दूर करते है जैसे की क्रिया का कौन सा फार्म कौन से टेंस में लगाना या क्रिया में ing फॉर्म कब लगाना, और भी ऐसे बहूत से नियम जैसे की क्रिया में s या es कहा लगाना इत्यादी |
सिर्फ आपको दिन भर यह सोचना है की आप सुबह से लेकर शाम तक क्या क्या करते है और उसको अंग्रेजी में बोलने की कोशिश करें | पर उसके लियें आपको बेसिक आना जरूरी है जो की आपको किताब "इंग्लिश अब हिंदी में " मिलेगा |
इंग्लिश सिखने के लियें क्या करें .....मै यहाँ पर यह बताना चाहता हूँ की अंग्रेजी सिखने के लियें क्या करना चाहियें क्योंकि ये भी सत्य है की हम हिंदुस्तान में रहते है और हमरी मात्र भाषा हिन्दी है और अभी तक हम बड़े भी हिन्दी इनवायरमेंट में हुएं हैं ..................इंग्लिश (कोई भी भाषा )किसी भी व्यक्ति(हिन्दुस्तानी) को सिर्फ़ दो तरीको से सिखाई जा सकती है
१। या तो उस व्यक्ति का दिमाग इतना छोटा कर दिया जायें जितना की एक नवजात शिशु का होता है और फिर उसे साल भर या दो साल तक साथ में रखा जायें तो वह इंग्लिश क्या जपनिस भी सिख जायेगा , पर यह
प्रेक्टिकली सम्भव नही है ............ तो फिर क्या किया जाएँ ..........
२। दूसरा तरीका यह है की उस व्यक्ति को इंग्लिश उसी इन्वायरमेंट में इंग्लिश सिखाये जायें जिसमे वो बचपन से लेकर अभी तक बड़ा हुआ है मतलब हिन्दुस्तानी व्यक्ति को हिन्दी में ......
और मैंने ये दूसरा तरीका बड़ा ही कारगर पाया है और बड़े लोगो के आर्शीवाद से एक छोटी से पहल की है जिसका नाम "इंग्लिश अब हिन्दी में " है ।
क्या हम अंग्रेजी सिखने से अंग्रेज बन जायेंगे ....
नही ऐसा नही है , वैश्विक स्तर की भाषा होने के कारण अंग्रेजी का ज्ञान होना बहूत जरूरी है । इस वस्तिविकता को जानते हुए भी कुछ परम्परावादी लोग इसे सिखने में हिचक महसूस करते है,
ऐसा मुझे महसूस हुआ कई बार ..... पर मै उन्हें ये बताना चाहता हूँ की अंग्रेजी सिखने से कोई अंग्रेज नही बन जाता जब तक हम वहा की संस्कृति को न अपनायें.
स्टुडेंट्स प्रेजेंटेशन देते हुए